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The Pioneer in Raipur(Chhattisgarh)

बाबू परसराम जी बर्छिहा दुर्ग जिले के डिड़गा गांव के एक साधारण किसान के पुत्र थे। उनके गांव के पुराने मालगुजार (महाराष्ट्र) के संपर्क में आने पर इनको शिक्षा के प्रति बड़ी प्रेरणा मिली। वे रायपुर आकर मेट्रिक पास हो गये। इनके जीवन में महाराष्ट्र समाज की शिक्षा, सभ्यता और धर्मिक संस्कार का बड़ा प्रभाव पड़ा। उसी के अनुसार इनके दिल में भी अपनी कुर्मी जाति की उन्नति की भावना प्रस्फुटित हुई। इनको राजकुमार कालेज रायपुर में क्लर्क की नौकरी मिल गई। इनकी सच्ची कार्यशैली, नम्रता और सद्व्यवहार का प्रभाव छत्तीसगढ़ के राजाओं पर अच्छा पडा, क्योकि उनके राजकुमार वहां पढ़ते थे। और वे समय समय पर उनसे मिलने राजकुमार कालेज आते थे।

बाबू साहब की कर्मठ कार्यप्रणाली, साधुता और सद्व्यवहार के कारण ये राजकुमार कालेज के हेड क्लर्क (प्रधान लिपिक) बना दिये गये। इनने तात्यापारा में मकान खरीद लिया जहां महाराष्ट्र समाज की अधिक संख्या हैं उनके संसर्ग में रहने के कारण इनके मन में  भी स्वजाति उन्नति की भावना बढ़ने लगी। कुछ समय बाद स्वजाति के प्रमुख लोगो से इनका परिचय बढ़ने लगा। भिभौंरी के श्री तुलाराम जी परगनिहा, गिरौद वाले श्री भोलाप्रसाद जी वर्मा, पथरी के श्री नकुल प्रसाद जी बघेल और श्री सहदेव प्रसाद जी बघेल आदि।

इन्होनें स्वजातीय सम्मेलन करवाने के लिए श्री तुलाराम जी से सम्पर्क साधा। वे भी चाहते थे। उन दोनों के प्रयास से कूंरा ग्राम की बृहत अमराई में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का प्रथम बड़ा प्रभावशाली  अधिवेशन सन 1904 में सानन्द सम्पन्न करके समाज में संगठन और उत्साह का संचार करवा दिया। इनने गिरौद वाले दाऊ भोला प्रसाद जी से मित्रता स्थापित की। श्री भोला प्रसाद जी ने कुर्मी बालकों के लिए छात्रालय बनाने का विचार रखा। छूईखदान के जमींदार से खरीदा हुआ अपने बड़े बाड़े को छात्रों के छात्रालय और धर्मशाला के लिए दान में सहर्ष दे दिया। इस छात्रालय के अध्यक्ष बाबू साहब थे। उनने सभी उपजाति के छात्रो को छात्रालय में प्रवेश दिया।  वे छात्रों के बौद्विक विकास के लिए और नगर के स्वजातीय छात्रों को बुलाकर मासिक बैठक करवाते थे। उससे छात्रों में भाषण की प्रतियोगिता बढ़ती गई और संगठन भी बढता गया। मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के युवकों की उन्नति और विकास कराने में सबसे ज्यादा श्रेय परसराम जी को हैं। ये जीवन पर्यन्त मनवा समाज की प्रगति के लिये कार्य करते रहे।

-- इति समाप्तम् --

टिप्पणियां 

 
0 #2 RE: बाबू परसराम जी बर्छिहाNarayan Barchhiha 2012-02-25 23:00
Narayan singh barchhiha
Mai Babu Paras Ram Barchhiha ke pota hu.lekh padkar bahul achha laga.mai Babu paras Ram Barchhiha ka Photo Bhejana chahta hu.
Quote
 
 
-1 #1 Conguructualtio nGhanshyam Prasad Sin 2011-03-17 17:42
Bahut Achha Hai,
Quote
 

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