| 28 सितम्बर 2009
छत्तीसगढ़ अंचल में अध्यात्म की चेतना फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के महान तीर्थ-स्थल विवेकानंद आश्रम के संस्थापक और प्रवर्तक स्वामी आत्मानन्दजी के अनुज राजेन्द्र का जन्म सन् 1944 देवोत्थान एकादशी के दिन को रायपुर में हुआ था। पिता प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धनीराम वर्मा तथा माता भाग्यवती देवी थी। धनीराम जी के पांच पुत्रों व एक पुत्री में इनका स्थान चतुर्थ है।
| 30 अप्रैल 2009
छत्तीसगढ़ अंचल में अध्यात्म की चेतना फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के महान तीर्थ-स्थल विवेकानंद आश्रम के संस्थापक और प्रवर्तक स्वामी आत्मानन्दजी के अनुज देवेन्द्र का जन्म 24 नवम्बर, सन् 1936 को रायपुर जिले के ग्राम अभनपुर में हुआ था। पिता प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धनीराम वर्मा तथा माता भाग्यवती देवी थी। धनीराम जी के पांच पुत्रों व एक पुत्री में इनका स्थान द्वितीय है।
| 30 अप्रैल 2009
छत्तीसगढ़ अंचल
में अध्यात्म की चेतना फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के महान तीर्थ-स्थल विवेकानंद आश्रम के संस्थापक और प्रवर्तक स्वामी आत्मानन्दजी का पूर्व नाम तुलेन्द्र सिंह वर्मा था। पिता प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धनीराम वर्मा तथा माता भाग्यवती देवी थी। दोनों ही ईश्वर भक्त और कर्तव्यपरायण दम्पत्ति थे। इसी भक्त दम्पत्ति के यहां राष्ट्र में अध्यात्म की चेतना का मंत्र फूंकने वाले महामानव का जन्म रविवार दिनांक 6 अक्टूबर सन् 1929 के सूर्योदय के समय ग्राम बरबन्दा में हुआ था। नाम रखा गया रामेश्वर। इसी वर्ष उनके पिता को जिले में सर्वोत्तम आदर्श अध्यापक के रूप में पुरस्कृत किया गया।



















