आपसे आग्रह

हमें अपने लेख आलेख, कविता, कहानी, सामाजिक गतिविधियां, सामाजिक युवा पीढ़ी की उपलब्धियां, कृषि के क्षेत्र में किए गए हमारे मूलभूत उपलब्धियां, ऐसी हर वो जानकारी जो आप अपने साथ-साथ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना चाहते है, सहर्ष आमंत्रित है

हमारा उद्​देश्य

सारे कुर्मी समाज को इंटरनेट के माध्यम से एक मंच पर लाना और समाज की जानकारी कम समय में अधिक लोगों तक पहुंचाना।

हमारा सम्पर्क सूत्र

हमारा ई-मेल - info+kurmisamaj.com
[+ के स्थान पर @ चिन्ह लगायें]

त्तीसगढ़ अंचल में अध्यात्म की चेतना फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के महान तीर्थ-स्थल विवेकानंद आश्रम के संस्थापक और प्रवर्तक स्वामी आत्मानन्दजी के अनुज राजेन्द्र का जन्म सन् 1944 देवोत्थान एकादशी के दिन को रायपुर में हुआ था। पिता प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धनीराम वर्मा तथा माता भाग्यवती देवी थी। धनीराम जी के पांच पुत्रों व एक पुत्री में इनका स्थान चतुर्थ है।

Nikhilatmanand निखिलात्मानंदत्तीसगढ़ अंचल में अध्यात्म की चेतना फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के महान तीर्थ-स्थल विवेकानंद आश्रम के संस्थापक और प्रवर्तक स्वामी आत्मानन्दजी के अनुज देवेन्द्र का जन्म 24 नवम्बर, सन् 1936 को रायपुर जिले के ग्राम अभनपुर में हुआ था। पिता प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धनीराम वर्मा तथा माता भाग्यवती देवी थी। धनीराम जी के पांच पुत्रों व एक पुत्री में इनका स्थान द्वितीय है।

त्तीसगढ़ अंचलswami atamanand में अध्यात्म की चेतना फूंकने वाले छत्तीसगढ़ के महान तीर्थ-स्थल विवेकानंद आश्रम के संस्थापक और प्रवर्तक स्वामी आत्मानन्दजी का पूर्व नाम तुलेन्द्र सिंह वर्मा था। पिता प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धनीराम वर्मा तथा माता भाग्यवती देवी थी। दोनों ही ईश्वर भक्त और कर्तव्यपरायण दम्पत्ति थे। इसी भक्त दम्पत्ति के यहां राष्ट्र में अध्यात्म की चेतना का मंत्र फूंकने वाले महामानव का जन्म रविवार दिनांक 6 अक्टूबर सन् 1929 के सूर्योदय के समय ग्राम बरबन्दा में हुआ था। नाम रखा गया रामेश्वर। इसी वर्ष उनके पिता को जिले में सर्वोत्तम आदर्श अध्यापक के रूप में पुरस्कृत किया गया।

Raipur City

हमारे अतिथि

KurmiKurmiKurmiKurmiKurmiKurmi
Kurmiआज15
Kurmiकल249
Kurmiइस सप्ताह264
Kurmiपिछले सप्ताह1627
Kurmiइस माह1543
Kurmiपिछले माह7799
Kurmiकुल109540

हमारा रैंक