श्री हरिप्रेम बघेल का जन्म 10 जुलाई 1924 का रायपुर जिले के भालेसुर ग्राम में हुआ था। पिता श्री प्रेमतीर्थ प्रथम आर्य समाज से दीक्षित विद्वान सज्जन थे।
सिलयारी शाला से प्रायमरी पास करके रायपुर के सेन्टपॉल हाईस्कूल में शिक्षा प्राप्त की। सन् 1942 में पढ़ाई छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में भाग लिया। उन्हें 6 माह के कारावास की सजा मिली। सन् 1943 में जेल से रिहा होने के बाद गांव में रहने लग गये।
आजादी के बाद डॉ.खूबचंद बघेल के साथ आचार्य कृपलानी जी के नई किसान मजदूर प्रजा पार्टी में शामिल हो गये और छत्तीसगढ़ी महासभा में कार्य करने लगे। सन् 1957 में छत्तीसगढ़ी महासभा द्वारा छेड़ा गया धान सत्याग्रह में भाग लेने के कारण 3 माह के जेल की सजा मिली थी। बाद में छोड़ दिया गया। सन् 1962 में धरसींवा विधान-सभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। सन् 1968 में राजनीति छोड़कर सर्वोदय सम्मेलन में शामिल हो गये। रायपुर के गांधी शताब्दी समिति के सचिव रहे। मध्य प्रदेश भूमिदान बोर्ड और खादी बोर्ड के सदस्य रहे।
सन् 1971 में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज में 3 साल अध्यक्ष रहे। सन् 1991 में मनवा समाज के 1 वर्ष संयोजक रहे।




















